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मनिका में मज़दूर दिवस - 1 May 2018

1 May

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आज लातेहार ज़िले (झारखंड) के मनिका प्रखंड में सैंकड़ों ग्रामीण मज़दूरों ने जोश से भरे अन्तराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के जश्न में भाग लिया. हालांकि यह कार्यक्रम हर साल होता है, इस वर्ष मज़दूर उनके साथ हाल में हुए अन्यायों के कारण और अधिक आक्रोशित हैं.

उनमें से एक है नरेगा मज़दूरी में कोई बढ़ौतरी न होना. याद करें कि इस ही दिन दो वर्ष पहले, मनिक के सैंकड़ों मज़दूरों ने नरेगा मज़दूरी का केवल 162 रुपये (2015-16 में) से 167 रुपये (2016-17 में) बढ़ने के विरोध में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को पांच रुपये वापस करते हुए एक पत्र लिखा. परन्तु प्रधान मंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. उसके अगले वर्ष, झारखंड की नरेगा मज़दूरी केवल एक रुपये ही बढ़ी (167 रुपये से 168 रुपये). इसका मज़दूरों ने प्रधान मंत्री को एक रुपये के सिक्के लौटा कर विरोध किया. इस वर्ष झारखंड की नरेगा मज़दूरी में कोई भी बढ़ौतरी नहीं हुई है.

दूसरा हाल का अन्याय है नरेगा मज़दूरी भुगतान की प्रक्रिया में “रिजेक्टेड भुगतान” की समस्या. मज़दूरी भुगतान में विलम्ब तो नरेगा मज़दूर कई वर्षों से भुगत रहे हैं, पर भुगतान का रिजेक्ट हो जाना आधार-आधारित भुगतान प्रणाली द्वारा उत्पन्न हुई एक नई समस्या है. नरेगा के MIS के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये की मज़दूरी रिजेक्ट हो गई थी. और तो और, मनिका के भीड़ से भरे हुए बैंकों में मज़दूरों की सहायता करने के लिए कोई नहीं है. इस त्रुटिपूर्ण भुगतान प्रणाली के शिकार विधवा व वृद्ध पेंशनधारी भी हैं.

भुगतान प्रणाली से परेशान होकर मनिका के नरेगा मज़दूरों व पेंशनधारियों ने रिज़र्व बैंक औफ़ इण्डिया के गवर्नर डा उर्जीत पटेल को एक कड़ा पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बैंकिंग प्रणाली में फैली अस्तव्यस्तता की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया. पत्र में समस्याओं के निराकरण के लिए दस तुरंत पूर्ण होने के लिए मांगे भी रखी गई हैं.

अन्य मांगों में शामिल हैं नरेगा मज़दूरी को कम से कम 300 रुपये तक बढ़ाना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत बिना कोई शर्तों का 6,000 रुपये प्रति बच्चे का मातृत्व लाभ, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम को किसी प्रकार से कमज़ोर न करना और मनिका प्रखंड के जुन्गुर गाँव के ग्राम प्रधान की हाल में हुई ह्त्या के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई.

कार्यक्रम नगर में एक मार्च से शुरू हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने काली पट्टियां पहन कर नरेगा मज़दूरों और पेंशनधारियों के विरुद्ध हुए हाल के अन्यायों का विरोध किया. फिर लोग प्रखंड मुख्यालय पर एक जन सभा के लिए इकत्रित हुए. सभा दो मिनट के मौन से शुरू हुई, जिस दौरान मज़दूरों के अधिकारों के लिए शहीद हुए लोगों को याद किया गया. फिर झारखंड नरेगा वॉच के संयोजक जेम्स हेरेंज ने अन्तराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के इतिहास व एहेमियत को समझाया. बिरजू राम, नगीना बीबी, अनिल अंशुमन और कई अन्य लोगों ने नरेगा मज़दूरों के अधिकारों पर बढ़ते प्रहार, पेंशनधारियों को पेंशन लेने में होने वाली परेशानियां और लोगों द्वारा अपने अधिकारों के लिए संगठित होने के प्रयासों पर बात रखी.

सफाई कर्मचारी आन्दोलन के संयोजक बेज़वाड़ा विलसन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. उन्होंने हाश्ये पर रहने वाले लोगों के अपने अधिकारों के लिए संघर्ष पर लम्बी बात रखी. उनका मानना है कि यह देश मनिका में इकत्रित जैसे लोगों के लिए नहीं, पर अमीर व शक्तिशाली लोगों के लिए चलाया जा रहा है. हालांकि देश में अमीर और गरीब के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है, सरकार धनी लोगों के लाभ के लिए काम करते हुए इस गैर बराबरी को और बढ़ा रही है. उन्होंने सरकार को बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रबंध न करने के लिए फटकार लगाई.

यह कार्यक्रम स्थानीय ग्रामीण मज़दूरों के एक संगठन – ग्राम स्वराज अभियान – द्वारा आयोजित हुआ. सैंकड़ों नरेगा मज़दूरों, पेंशनधारियों व मनिका के अन्य ग्रामीण निवासियों से अतिरिक्त कार्यक्रम में सीपीआई (माले), नैशनल कैम्पेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स (एन.सी.डी.एच.आर.) और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

अधिक जानकारी के लिए जेम्स हेरेंज (9852910778, 9470396732) को संपर्क करें.

श्री उर्जित पटेल १ मई २०१८
गवर्िर, ररज़वि बैंक ऑफ़ इंडिया
आदरर्ीय श्री उर्जित पटेल,

नरेगा मजदरू एवं पेंशन धाररयों की १० मांगे

झारखण्ि के मनर्का ब्लॉक, लातेहार र्जला में र्थित भारतीय थटेट बैंक, मनर्का शाखा के भीड़ से भरी हुई बकैं शाखा
से आपको अंतर राष्ट्रीय मजदरू ददवस के अवसर पर यह अपील भेज रहे हैं|
पपछले कुछ सालों में देश के कई धर्ी और पूंजीपनतयों र्े सरकारी बकैं ों को अपर्े फायदे के ललए लूटा है| उस दौरार्,
र्रेगा मजदरू और पेंशर्धारीयों को बैंकों से अंतहीर् उत्पीिर्र्ों का सामर्ा करर्ा पड़ रहा है| छोटी-मोटी रकम नर्कासी
करर्े के ललए उन्हें कई दथतावेज जमा करर्े पड़ते है, आधार से बैंक अकाउं ट को लल ंक करर्ा पड़ता है, e-KYC दोबारा
करर्ा पड़ता है, घंटों तक कतार में खड़े रहर्ा पड़ता है| तकर्ीकी उलझर्ों की वजह से कई बार उन्हें पैसे भी र्हीं लमल
पाता| मज़दरू और पेंशर्धाररयों को इधर से उधर बबर्ा वजह परेशार् ककया जाता है|
र्रेगा के Management Information System (MIS) के अर्ुसार २०१७-१८ में ४५० करोड़ से ज्यादा की रालश का मजदरूी
भुगतार् “ररजेक्ट” हुआ िा| खाते में पैसा जमा होर्े के बाद भी, मजदरू एवं पेंशर्धारी अपर्े पैसे की नर्कासी र्हीं कर
पाते जब तक कक वे आधार से अपर्े खाते लल ंक र्हीं करते या अन्य औपचाररकताओं का पालर् र्हीं करते है| मनर्का
जैसे पपछड़े इलाकों में श्रलमकों की सहायता करर्े के ललए बैंक में कोई सुपवधा र्हीं है| इतर्ी जदटलता समाज के कमज़ोर
वगों के पवत्तीय समावेशर् को रोकती है|
सरकारी बकैं ों को मुर्ाफे के ललए र्हीं बर्कक जर्ता के लाभ के ललए, ख़ास कर गरीबों के ललए चलार्ा चादहए|
हम आपको नर्म्र्ललखखत मांगों पर जकद से जकद कारिवाई करर्े का आग्रह करते है:
१. कोई भी बैंक खाता, खाताधारक को बताये बबर्ा बंद र्हीं ककया जार्ा चादहए|
२. अपर्े खाते से पैसे की नर्कासी करर्े से खाताधारी को र्हीं रोका जार्ा चादहए |
३. सभी बैंकों में एक सहायता काउं टर होर्ा चादहए, कंप्यूटर और इन्टरर्ेट के साि ताकक लोगों की मदद हो सके|
४. बकैं ों में बुज़गों के ललए अलग कतार होर्ी चादहए, ताकक उन्हें कई घंटे खड़ा र् रहर्ा पड़े|
५. SMS की सुपवधा सभी र्रेगा मजदरूों एवं पेंशर् धारीओं के ललए उपलब्ध होर्ी चादहए, ताकक उर्की जार्कारी के
बबर्ा कोई उर्के खाते से पैसा र्हीं नर्काल सकें|
६. सभी खाताधारकों को passbook प्रदार् की जार्ी चादहए, चाहे उर्का खाता थिार्ीय बकैं शाखा में खुला हो या ग्राहक सेवा कें द्र (“customer service point” - CSP) में|
७. ग्राहकों को कभी भी CSP र्हीं भेजा जार्ा चादहए, सभी सेवाएँबैंक की शाखा में ही उपलब्ध होर्ी चादहए|
८. यदद कोई भी ललखखत में लशकायत लाता है, उसे ददर्ांककत और हथताक्षररत रसीद लमलर्ी चादहए|
९. CSP में भ्रष्ट्टाचार (जैसे ररश्वत लेर्ा) रोकर्े के ललए कदम लेर्े चादहए, जैसे कक, पवलभन्र् सेवाओं में ककतर्े पैसे
लगते है और हेकपलाइर् र्ंबर का प्रदशिर्|
१०. बकैं के कमचि ारी र्रेगा मजदरूों और पेंशर् धारीओं के प्रनत हमेशा पवर्म्रता के साि पेश आर्े चादहए|

हम आशा रखते हैंकक आप हमारी मांगों का जवाब जकद से जकद देंगे. इस बीच हम आपको मनर्का आकर, यहाँ के बैंकों की र्थतथि को देखर्े के ललए आमंबित करते हैं.

ग्राम थवराज मजदरू संघ, मनर्का (लातहे ार) के र्रेगा मजदरू एवं पेंशर् धारी खाता धारक